भारत सरकार | Government of India                                                                                                                   Font: Website In - English

   National Emblem


National Institute of Biologicals

(राष्ट्रीय जैविक संस्थान)

Ministry of Health & Family Welfare, Government of India

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय,भारत सरकार
Nib Logo



संक्षिप्त रूपरेखा

डा. रेबा छाबड़ा

 

डा. (श्रीमती) रेबा छाबड़ा

प्रभारी निदेशक,

राष्ट्रीय जैविक संस्थान

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय

भारत सरकार, नौएडा

 

 

 

 

 

डा. (श्रीमती) रेबा छाबड़ा ने 15 अक्टूबर 2019, को राष्ट्रीय जैविक संस्थान, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, जो कि जैविकों जिनमें इनबिट्रो डायग्नोस्टिक, टीके एवं बायोफार्मास्यूटिकल्स भी सम्मलित हैं, के परीक्षण हेतु एक राष्ट्रीय नियंत्रण प्रयोगशाला है, के प्रभारी निदेशक का कार्यभार ग्रहण किया। वह संस्था की एक संस्थापक सदस्या हैं तथा सन् 1994 से एन.आई.बी में सेवारत है। वह रेफरेन्स पैनल बनाने एवं इनविट्रो डायग्नोस्टिक किट्स के गुणवत्ता नियंत्रण मूल्यांकन में सेन्टर फाॅर बायोलाॅजिकल इव्येलूएशन एण्ड रिसर्च, फूड एवं ड्रग एडमिनिस्टेशन (सीवीईआर/एफडीए), यू.एस.ए. तथा ईक्वास परिकल्पना एवं अर्थग्रहण में नेशनल सेरोलाॅजी रेफरेन्स लैबोरेटरी (एन.एस.आर.एल) मेलबर्न आस्टेलिया एवं एच.आई.वी. आर.डी.टीज में पाॅल एर्लिच इन्सटीट्यूट जर्मनी से प्रशिक्षित हैं। डा. छाबड़ा नाको की एच.आई.वी ईक्वास एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्रबन्धन सुदृढ़ीकरण की रिसोर्स पर्सन हैं। 25 वर्षो से अधिक समय से इम्यूनोडायग्नोस्टिक किट्स की गुणवत्ता नियंत्रण क्षेत्र में पथ-प्रदर्शक सहयोगी हैं। उन्होनें राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त दैनिक पत्रों में 25 से अधिक प्रकाशन किए हैं। सी.डी.एस.ओ के साथ संयुक्त रूप से देश में इनविट्रो डायग्नोस्टिक विनिर्माण ईकाईयों का संयुक्त निरीक्षण किया। 

 

एच.आई.वी, एच.सी.वी. एवं एच.वी.एस.एजी की इनविट्रो डायग्नोस्टिक किट्स के परिपेक्ष्य में वह सरकारी विश्लेषक एवं डिवाईस टेस्टिंग अधिकारी भी घोषित हैं। डा. रेबा छाबड़ा के नेतृत्व में इन उपलिब्धयों ने एन.आई.बी. को एच.आई.वी, एच.सी.वी, एच.वी.एस.जी एवं सिफलिस इनविट्रो डायग्नोस्टिक एस्से की गुणवत्ता नियंत्रण के लिए डब्लू.एच.ओ का सहयोगी केन्द्र तथा इनिविट्रो डायग्नोस्टिक योजना के लिए सहयोग प्रकोष्ठ बनाने में सक्षम किया। इससे पूर्व उन्हांेने इस संगठन में इम्यूनोडायग्नोस्टिक किट्स एवं माॅलीक्यूलर डायग्नोस्टिक (आईडीएल एवं एमडीएल) प्रयोगशाला प्रमुख से आरम्भ करते हुए, तदुपरान्त प्रभारी उपनिदेशक (प्रशासन), कार्यालय प्रमुख, एन.आई.बी में हीमोविजिलेन्स प्रोग्राम आॅफ इण्ड़िया में हेमोविजिलेंस गतिविधियों का समन्वयन एवं उपनिदेशक (गुणवत्ता नियंत्रण) डायग्नोस्टिक, वैक्सीन एवं प्रशिक्षण, के रूप में विभिन्न क्षमताओं में सेवा प्रदान की।

सितम्बर 2013, से वह आई.एस.ओ. 9001:2008 की लीड आॅडिटर तथा ए.एच.डब्लू.पी.डब्लू.जी, 1ए-आई.वी.डी.डी. (इनविट्रो डायग्नोस्टिक डिवाईस) कार्यकारी समूह एशिया हार्मोनाईजेशन कार्यकारी दल तकनीकी समिति (ए.एच.डब्लू.पी.टी.सी)की सदस्या है। एन.आई.बी. का आई.सी.एम.आर नई दिल्ली, के इनोवेशन तथा ट्रांसलेशनल रिसर्च खण्ड के साथ सहकायता में उद्धाटक सुगमकारक होने से स्वदेशी विनिर्माताओं को आई.एस.ओ.15197 से संबधित प्राविधानों का बोध कराने, पाॅंच सहभागी प्रयोगशालाओं के वैज्ञानिक एवं तकनीकी स्टाफ को ग्लूकोमीटर (नाॅन इनवेसिव एवं कन्वेशनल) के कार्यफल को एकात्मक रूप से मूल्यांकन हेतु अन्तर्राष्ट्रीय दिशानिर्देशों पर आधारित गुणवत्ता नियंत्रण प्रोटोकोल के परिपेक्ष्य में प्रशिक्षित करने में डा. छाबड़ा ने भारत में बेची जानी वाली ऐसी प्वाइंट आॅफ केयर युक्तियों की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने में योगदान किया। उन्होंने ताईवान, ताईपेई में इनविट्रो डायग्नोस्टिक डिवाईस रेगुलेशन, ए.एच.डब्लू.पी.टी.सी. कार्यकारी गुप्र, डब्लू.एच.ओ., डी.बी.टी., सी.आई.आई., फिक्की इत्यादि जैसे राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर एन.आई.बी. का प्रतिनिधित्व किया।  

 

उनके सक्षम नेत्तृव में एन.आई.बी प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पी.एम.के.वी.वाई) के अनुसरण में उत्तर के पहाड़ी राज्यांे, उत्तर-पूर्वी राज्यों एवं देश के जनजातीय क्षेत्रों के विश्वविद्यालयों के बायोटेक्नोलाॅजी, माइक्रोबायोलाॅजी एवं बायोकेमेस्ट्री के परास्नातक छात्रों तथा नाईपर के एम.फार्मा छात्रों के लिए जैविकों की गुणवत्ता नियंत्रण पर प्रायोगिक प्रशिक्षण के साथ, देश में रक्त कोषीय सेवाओं को सुदृढ़ करने को दृष्टिगत करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के साथ सहभागिता में रक्त सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण हेतु विभिन्न आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारम्भ करने मे सक्षम हुआ है।  

 

अद्यतनीकरण

 
परीक्षण प्रभार/शुल्क हेतु पुनरीक्षित दरें दिनांक 1/06/2016 से अनुमोदित एवं लागू

आईएसओ 15197: 2003 के अनुसार रक्त ग्लूकोज परीक्षण पट्टिका के जाँच/परीक्षण हेतु स्वीकृति मानदंड

 

परीक्षण हेतु निर्धारित समयावधि 

टिप्पणी के लिए निर्धारित स्थान :

 

 

   

 

 

 

 

  प्रयोगशालाओं के टैब पर मार्गदर्शन दस्तावेज 

 



मुख्य द्वार

  Disclaimer             copyright                  Hyperlink Policy                   Terms & Conditions                  Privacy Policy                      accessibility Policy                    WebInfoManager                    Feedback      


यह वेबसाइट राष्ट्रीय जैविक संस्थान, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार से संबंधित है।
   साइट राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र सेवा द्वारा अभिकल्पित, विकसित एवं परिचारित है।